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सोमवार, 3 मई 2010

रिएल्टी शोज़ का एक सकारात्मक पहलू


पिछले एक दशक या शायद उससे भी कम समय पहले शुरू हुए रिएल्टी शोज़ आज भारतीय टीवी के कुछ सबसे बेहतरीन और लोकप्रिय कार्यक्रमों में से एक है । गीत संगीत , नृत्य के नाम पर शुरू हुए इन शोज़ में आज बहुत सारी विविधताएं देखने सुनने को मिल रही हैं । बेशक इन रिएल्टी शोज़ में आज बहुत कुछ बनावटी और तमाशा बन कर रह गया है । हर हफ़्ते दिखाए जाने वाले जज़ों के आपसी झगडे , किसी प्रतियोगी के अभिभावक द्वारा आयोजकों पर उंगली उठाना , एस एम एस द्वारा विजेताओं का चुनाव और भी अन्य बहुत सी खामियां गिनाने को हैं सबके पास , मगर इसके बावजूद आज इन रिएल्टी शोज़ की अहमियत बहुत बढती जा रही है । और इससे इतर जो बात सबसे अधिक प्रभावित करती है , वो ये कि इन कार्यक्रमों ने आम लोगों को , साधारण लोगों को , यहां तक कि गरीब से गरीब तक की आखों में एक सपना जगा दिया है ।

पिछले कुछ समय में देखे दिखाए कार्यक्रमों में जब भी ऐसे प्रतियोगी जो बहुत ही गरीब तबके से होते हैं , जो प्रतियोगी शारीरिक रूप से अक्षम होते हैं , जब उन प्रतियोगियों के जज़्बे को पूरा हिंदुस्तान देखता है तो न सिर्फ़ उनकी हिम्मत को सलाम करता है , सराहता है बल्कि ऐसे लाखों करोडों लोगों को प्रेरणा भी देता है जो इन स्थितियों में निराश और हताश बैठे होते हैं ।जब कोई नेत्रहीन या शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति इतने बडे स्टेज पर कदम रखता है और पूरे आत्मविश्वास के साथ अपना हुनर दिखाता है तो उसके आगे तो वो भी फ़ीके पड जाते हैं जो हर रूप में सक्षम होते हैं । ये निश्चित रूप से इन रिएल्टी शोज़ का सकारात्मक पक्ष है जिसकी तारीफ़ की जानी चाहिए । इसके अलावा इन शोज़ में भाग लेने वाले प्रतियोगी, विजेता उपविजेताओं के लिए उन क्षेत्रों में काम का दरवाज़ा तो खोल ही देता है , इसके आगे उनकी काबिलियत और उनकी योग्यता ।


आने वाले समय में इन रिएल्टी शोज़ का आकर्षण और भी बढने वाला है ये तो लग ही रहा है । यदि इन शोज़ से चाहे कुछ ही सही गरीब परिवार के बच्चों के भविष्य सुधारने और संवारने में सहायता मिल सके तो ये सोच कर संतोष किया जा सकता है कि इन शोज़ के सहारे चैनलों द्वारा अरबों खरबों कमाई करने के बहाने कुछ तो अच्छा और भला हो ही जाता है ॥

2 टिप्‍पणियां:

मुद्दों पर मैंने अपनी सोच तो सामने रख दी आपने पढ भी ली ....मगर आप जब तक बतायेंगे नहीं ..मैं जानूंगा कैसे कि ...आप क्या सोचते हैं उस बारे में..

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